कोई 24 घंटे मुझे देख रहा था – हनुमानजी के चमत्कार की सच्ची घटना

Hanuman Chalisa aur Sundarkand ka Chamatkar in Hindi
कोई 24 घंटे मुझे देख रहा था – हनुमानजी के चमत्कार की सच्ची घटना
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Hanuman Chalisa aur Sundarkand ka Chamatkar in Hindi

कोई 24 घंटे मुझे देख रहा था – हनुमानजी के चमत्कार की सच्ची घटना

दोस्तों आज इस अनुभव में इस भक्त ने जो बातें बतायी है, उस तकलीफ से ज्यादातर लोग गुजर रहे और उससे बाहर ही नहीं आ पा रहे है, उन सबके लिए आज का ये अनुभव बहुत ही महत्त्वपूर्ण है, तो ध्यान से इस वीडियो को देखिये और ज्यादा से ज्यादा हमारे बजरंगबली की महिमा को शेयर करे, क्या पता किसी की जिंदगी बदल जाए, Hanuman Chalisa aur Sundarkand ka Chamatkar in Hindi

मैं अपना नाम गुप्त रखना चाहती हूँ, मैं बिहार की रहनेवाली हूँ, आज मैं मेरे हनुमान भैया की कृपा से जुड़ा अनुभव आप सभी से शेयर कर रही हूँ, जिससे हनुमान जी पर मेरा विश्वास और बढ़ गया,

एक महीने पहले मैं बहुत ही डरी-डरी रहती थी, मेरी मम्मी यही बिहार पुलिस में जॉब करती है और मैं अभी अपना डिप्लोमा कर रही हूँ, मेरे सेमेस्टर एक्साम्स जून में होने वाले थे और मैं उसकी तैयारी घर पर ही कर रही थी,

उस टाइम मैं देर रात तक पढ़ाई करती थी, लेकिन पता नहीं क्यों पर मेरे अंदर एक अजीब सा डर बैठ गया, मुझे हर दम ऐसा लगता था की 24 घंटे कोई मुझे देख रहा है, मैं अपना काम करती थी तो लगता था कि पीछे से कोई कुछ बोल रहा है और मुझे ध्यान से देख रहा है, ये सब होने पर मैं बहुत डर गयी थी,

डर की वजह से मैं रात में सो नहीं पाती थी, बार-बार मेरी नींद खुल जाती और खास करके रात के 2 बजे तो नींद खुलती ही थी और बहुत कोशिश करने के बाद भी नींद नहीं आती और सुबह के 5 बजे के आस-पास आँख लग जाती थी,

मैं दिन के समय भी नहीं सो पाती थी, दिन में भी घर में रहने से डर लगने लगा था, मैं रोने लग जाती थी क्योंकि मुझे सोने का बहुत मन करता था पर सो नहीं पाती थी और उस समय मेरे कंधे में बहुत दर्द होता था ऐसा लगता जैसे मेरा कन्धा जकड गया हो,

मेरी बॉडी का वेट भी ज्यादा नहीं है फिर भी शरीर में भारीपन महसूस होने लगा था, पढ़ाई में भी मन नहीं लगता था, मैंने मम्मी को बहुत बार इस बारे में बताया पर वो बोलती की ठीक हो जायेगा ये बस तेरा वहम है और कुछ नहीं, तू एक्सरसाइज और मॉर्निंग वोक करना शुरू कर दे, पर उन्हें कौन समझाए कि मैं चाहकर भी वो नहीं कर पाऊंगी, Hanuman Chalisa aur Sundarkand ka Chamatkar in Hindi

फिर मई महीने में तो हद हो गयी, कुछ देर के लिए मम्मी को पकड़ कर सोती थी तब नींद आती थी, पर उस नींद में भी सपने में मुझे बहुत बुरी चीज़ दिखायी देती थी, जैसे मेरी छोटी बहन को कुछ हो गया, मुझे तांत्रिक जैसे लोग दीखते थे, कफ़न में आदमी लिपटे हुए दीखते थे,

कभी-कभी मैं खुद को सपने में देखती थी की मेरे हाथों में चूड़ियाँ है और कोई मुझसे बोल रहा है की तेरी शादी हो गयी है, पर तू सिन्दूर क्यों नहीं लगाई है, सच कहूँ तो मेरी उम्र सिर्फ 17 साल है फिर भी ऐसे सपने मुझे आने लगे थे,

ये सब होने की वजह से मुझे बहुत बुरा फील होता था, बहुत डर लगता था और मैं डिप्रेशन में जाने लगी थी, पागलों की तरह फील होने लगा था मुझे,

Hanuman Chalisa ki Power in Hindi

फिर एक दिन मैंने आपका वीडियो देखा उस विडियो में आपने एक महिला भक्त का अनुभव शेयर किया था, उस अनुभव को देखने के बाद अचानक ही मैं बहुत रोने लगी, उस समय मुझे लगा की मैं भी तो मेरे हनुमान भैया को बचपन से मानती हूँ, पर कुछ कारणवश मैंने उनसे संपर्क तोड़ दिया था, Hanuman Chalisa aur Sundarkand ka Chamatkar in Hindi

लेकिन जयेश भाई आपसे मुझे मोटिवेशन मिला मैंने सोच लिया की मैं भी हनुमान चालीसा का पाठ करुँगी, फिर मैंने अपनी मम्मी को बोला की मैं हर रोज हनुमान चालीसा पढ़ना चाहती हूँ तो उन्होंने कहा ठीक है,

और मम्मी ने कहा की चलो यहाँ से 2 km दुर हनुमानजी का एक मंदिर है वहां जो जाता है उसकी हर तकलीफ दूर हो जाती है, ऐसा मेरी मम्मी की एक फ्रेंड ने उन्हें बताया था, तो हम लोग शनिवार के दिन प्रभु के दर्शन करने वहाँ गए,

पहले दिन पता नहीं मुझे वहां जाने पर बहुत अजीब महसूस हुआ, पर मंदिर के अंदर जाने के बाद मैंने 2 बार हनुमान चालीसा और एक बार सुंदरकांड का पाठ किया, मेरे साथ मम्मी ने भी पाठ किया, फिर हमने लड्डू और गुड चने के भोग लगाया,

पढ़े: कोई शक्ति मेरी हर पल रक्षा कर रही है – हनुमानजी के अद्भुत चमत्कार की सच्ची घटना

वहां हनुमानजी की बड़ी सी मूर्ति है और मेरे हनुमान भैया मुकुट पहने हुए थे, एकदम राजधिराजा लग रहे थे और उस दिन उनकी आँखें जैसे मुझे देख रही हो और वे मुस्कुरा रहे हो, मेरी नज़र उनकी आँखों पर ही थी, पता नहीं अंदर ही अंदर मैं रो रही थी, मैंने बस मेरे प्रभु से प्रार्थना की मेरी पीड़ा कही और धन्यवाद किया और माफ़ी भी मांगी,

प्रभु के दर्शन करने के बाद एक अलग ही सुकून मिला मुझे, घर आने के बाद मुझे बहुत हल्का महसूस हो रहा था, बहुत ख़ुशी महसूस हो रही थी, एक अलग ही एनर्जी मेरे अंदर आने लगी थी, फिर मैं मंगलवार के दिन भी मंदिर गयी और फिर बस कुछ ही दिन में मेरा डर जैसे दूर ही हो गया, Hanuman Chalisa aur Sundarkand ka Chamatkar in Hindi

अब मैं आराम से अपना एग्जाम भी दे रही हूँ और आराम से सो भी पा रही हूँ और घर में अकेले रह भी पाती हूँ, कितने दयालु है हमारे प्रभु, मेरे हनुमान भैया को कुछ नहीं चाहिए अपने भक्तों से, बस जैसे वो दयालु है वैसे ही उनके सारे भक्त दयालु रहे, सबका अच्छा सोचे और अच्छा कार्य करे.

तो दोस्तों देखा आपने हमारे प्रभु बहुत ही दयालु है, वे कभी भी अपने सच्चे भक्त की आंखों में आंसू नहीं देख सकते, बस सच्चे मन से उनकी शरण में जाये, देखना प्रभु अपना सुकून आपको प्रदान करेंगे और धीरे-धीरे सब अच्छा होने लगेगा….तो ऐसे ही है हमारे बजरंगबली.


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